Sunday, 31 January 2016

नज़्म -मासूम सी गुड़िया



वो इक मासूम सी नन्ही सी गुड़िया
जिसे हैवानियत ने नोच डाला
दरिंदो शर्म तुमको क्यों न आई
तुम्हारे घर भी होगी माँ की जाई
उसे शर्मिन्दगी महसूस होगी
दरिन्दा जिसका तुम जैसा है भाई


तुम्हारे जन्म पर धिक्कार नीचो
पड़े तुम पर ख़ुदा की मार नीचो
जो तुमने वहशीपन का खेल खेला
किसी मासूम ने ये कैसे झेला
गिद्धों की तरह उसको नोच डाला
हवस ने कर लिया मुंह अपना काला
बना कर मौत का उसको निवाला


कोई मज़लूम को न यूँ सताये
किसी पर भी न ऐसा वक़्त आये
हुआ हैं ज़ुल्म वो मासूमियत पर
सुने तो आत्मा भी कांप जाए
हमारी बच्चियों को ए ख़ुदाया
हवस के इन दरिंदो से बचाये

wo ik masoom si nanhi si gudiya
jise hawaniyat ne noch daala
darindo shrm tumko kyo n aayi
teri ghar bhi to hogi maa ki jaayi
use sharmindgi mehsoos hogi
darinda jiska tum jaisa hai bhai

tumahare janm par dhikkar neechon
pade tum par khuda ki maar neecho
jo tumne washipan ka khel khela
kisi masoom ne ye kaise jhela
ghidho.N ki tarah usko noch daala
hawas ne kar liya munh apna kaala
bana kar maut ka usko niwala

koyi mazloom ko n yun sataye
kisi par bhi na aisa waqt aaye
hua hai zulm wo masumiyat par
sune to aatma bhi kamp jaaye
hamari bachiyon ke aye khudaya
hawas ke in darindo'n se bachaye

siya

Sunday, 24 January 2016

नुमाईश वो जो इतनी कर रहा है
तो क्या गुमनामियों से डर रहा है
भले पिंजरे में हैं ये जिस्म मेरा
मगर दिल तो उड़ाने भर रहा हैं

बहुत औरों की साँसे जी चुकी मैं
मेरे अंदर का इन्सां मर रहा है

रही है दरबदर ये तो हमेशा
कभी औरत का कोई घर रहा है

जुदा होने पे माइल हो गया अब
वफ़ा का जो कभी पैकर रहा है

निकलता ही नहीं अब मेरे दिल से
मेरी आँखों में जो दम भर रहा है

जलाती क्या ग़मों की धूप मुझको
तेरा साया मेरे सर पर रहा है

कोई तो होगी उसमें खासियत जो
ज़माना आज उसपे मर रहा है

नहीं साबित हुआ जुर्मे मोहब्बत
यही इलज़ाम मेरे सर रहा है

siya

Saturday, 12 December 2015

punajabi ghazal

वेख तेरी धी रूल गयी माई 
किस वैरी नाल प्रीत लगाई 

जिसनू अपना रब मन बैठी 
ओस कलेजे सट्ट मेरे लाई 

ओस बेक़द्री  उत्ते डुल गईं 
मैं ता अपनी क़दर गवांई

हट्ट दफ़ा हो जा नज़रा तो
कह के टुर गया ओ हरजाई

किसनू आखा दुखड़े दिल दे
कौन समझदा पीड़ पराई  

जींदे जी गल मौत नू लाया 
अपने गाल विच फाई पायी 

vekh teri dhee rul gayi maayi  
kis vairi naal preet lagaayi  

jisnu apna rab manya si  
os kaleje sat mere laayi  

os beqadri utte dul gayi 
aape  apni qadr gavayi  
       
hatt dafa ho ja nazra to  
kah ke tur gaya o harjayi  

kisnu aakhan dukhde dil se  
kaun samjhda peed paraayi  
   
jeende je gal maut nu laaya 
apne gal vich phaee paayi

टुर जाय ते माँ नैओ लबदी
हुन ममता दी छा नैओ लबदी
कल्या बैठे रो लैन्दे हान
कित्थे जाईयें था नैओ लबदी
tur jaye te maa nayio laddi
hun mamta di chaa nayio labdi
kalya baithe ro lainde haan
kitthe jaiyen thaa nayio labdi
siya
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आज दिल मेरा भर भर आया 
 एस जग तो दस की  मैं पाया 
माँ पयो टुर गए छड के कल्या 
 हीरे वरगा वीर गँवाया 

aaj  dil mera bhar bhar aaya 
ais duniya to ki main paya 
maa pyo tur si bachpan vich 
hun heere jaa  veer ganvaya 



punjabi ghazal

अपना होया आज पराया की होया
दिल नू अपने मैं समझाया की होया
तेरे होंदे वी ता कल्या जीँदी सी
जे तू हुन वी नाल नई आया की होया
वेख के जिसनू रूह मेरी खिड जांदी सी
आज ओने वी रूप वटाया की होया
जेड़ा वादा कीता सी तू मेरे नाल
जा के ग़ैरा नाल निभाया की होया
खबरेँ की होया ये दिल मर जाने नू
मैनु सारी रात जगाया की होया
ओस दीया दर्द सौगाता साम्भ के रखिया ने
दुःख ओस मेरी झोली पाया की होया
पीड़ा देवन वाला मेरा अपना सी
जे जिन्दड़ी ने धोखा खाया की होया

ਆਪਣਾ ਹੋਇਆ ਅਜੇ ਪਰਾਯਾ, ਕੀ ਹੋਇਆ,
ਦਿਲ ਨੂ ਅਪਨੇ ਮੈਂ ਸਮਝਾਯਾ , ਕੀ ਹੋਇਆ
ਤੇਰੇ ਹੋਂਦੇ ਤਾਂ ਵੀ ਕਾਲੀਆਂ ਜੀਂਦੀ ਸੀ,
ਜੈ ਤੂੰ ਹੁਣ ਵੀ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਆਇਆ,ਕੀ ਹੋਇਆ,
ਦੇਖ ਕੇ ਜਿਸ ਨੂ ਰੂਹ ਮੇਰੀ ਕਹਿਰ ਜਾਂਦੀ ਸੀ
ਅਜੇ ਓਹਨੇ ਵੀ ਰੂਪ ਵਟਾਇਆ,ਕੀ ਹੋਇਆ,
ਜੇਹਰਾ ਵਾਦਾ ਕੀਤਾ ਸੀ ਤੂੰ ਮੇਰੇ ਨਾਲ
ਜਾ ਕੇ ਗੈਰਾਂ ਨਾਲ ਨਿਭਾਯਾ , ਕੀ ਹੋਇਆ,
ਖਬਰੇ ਕੀ ਹੋਇਆ ਦਿਲ ਮਾਰ ਜਾਨੇ ਨੂ
ਮੈਨੂ ਸਾਰੀ ਰਾਤ ਜਗਾਯਾ, ਕੀ ਹੋਇਆ,
ਉਸ ਦਿਯਾ ਦਰਦ ਸੋਗਾਤਾਂ ਸਾੰਭ ਕੇ ਰਖਿਯਾਂ ਨੇ
ਦੁਖ ਉਸ ਮੇਰੀ ਝੋਲੀ ਪਾਇਆ , ਕੀ ਹੋਇਆ
,
ਪੀਰਾ ਦੇਵਨ ਵਾਲਾ ਮੇਰਾ ਆਪਣਾ ਸੀ
ਜੇ ਜਿੰਦਰੀ ਨੇ ਧੋਖਾ ਖਯਾ, ਕੀ ਹੋਇਆ
ਸਿਯਾ ਸਚਦੇਵ
apna hoya aaj paraya ki hoya
dil nu apne main samjhaya ki hoya
tere honde vi ta kalya jeendi si
je tu hun vi naal n aaya ki hoya
vekh ke jisnu rooh meri khid jandi si
aaj one vi roop vataya ki hoya
jeda wada kita si tu mere naal
jake ghaira naal nibhaya ki hoya
khbre ki hoya ye dil mar jaane nu
mainu saari raat jagaya ki hoya
os diya dard saugata sambh ke rakhiya ne
dukh os meri jholi paya ki hoya
pida.n devan wala mera apna si
je jind'di ne dhoka khaya ki hoya
siya
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सजना मेरी जिंद नरोल 
ऐवे पैरां विच न रोल 

तू वी दिल दे वरके खोल 

मेरा  दिल वी कदी फरोल 

आके दुःख वंडा जा मेरा 
पल दो पल ते बैजा  कोल  

तेरी चुप नाल रुक दिया सावां 
अपने मुँहो कुज ता बोल 

जद रुसदा ये मेरा माही -
दिल विच मेरे पैंदे होल 

मेरा दिल दा वेडा सूंझा 
कद आवेंगा मेरे कॉल 

ਸਜਨਾ ਮੇਰੀ ਜਿੰਦ ਨਰੋਲ
ਅਏਵੇਂ ਪੈਰਾਂ ਵਿਚ ਨ ਰੋਲ
ਤੂ ਵੀ ਦਿਲ ਦੀ ਵਰਕੇ ਖੋਲ
ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਵੀ ਕਾਦੀ ਫ਼ਾਰੋਲ
ਤੇਰੀ ਚੁਪ ਨਾਲ ਰੁਕਦਿਆਂ ਸਾਵਾਂ
ਆਪਣੇ ਮੂਹੋਂ ਕੁਜ ਤਾਂ ਬੋਲ
ਜਦ ਰੁਸਦਾ ਹੈ ਮੇਰਾ ਮਾਹੀ
ਦਿਲ ਵਿਚ ਮੇਰੇ ਪੈਂਦਾ ਹੌਲ
ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਦਾ ਵੇੜਾ ਸੁੰਝਾ
ਕਦ ਆਵੇਂਗਾ ਮੇਰੇ ਕੋਲ।

ਸਿਯਾ ਸਚਦੇਵ
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punjabi ghazal

सजना मेरी जिंद नरोल 
ऐवे पैरां विच न रोल 

तू वी दिल दे वरके खोल 
मेरा  दिल वी कदी फरोल 

आके दुःख वंडा जा tu 
पल दो पल ते बैजा  कोल  

तेरी चुप नाल रुक दे साँ 
अपने मुँहो कुज ता बोल 

 माही जद वी रुसदा ये 
दिल विच मेरे पैंदे होल 

ख़ाली दिल दा वेडा वेख 
कद आवेंगा मेरे कॉल 

नज़्म -----दर्द साँसो के साथ चलता है



तुमको सच्ची ये बात समझाती 
दर्द कुछ कम तुम्हारा कर पाती 
इस जहाँ में सभी परेशां हैं
सबके जीवन में ग़म के तूफां हैं 
लोग दुनिया में कैसे जीते है
 ग़म निगलते है अश्क पीते हैं 
दर्द साँसो के साथ चलता है 
ग़म का मौसम कहा बदलता है 
ग़म ज़रूरी है दिल को समझाओ 
भूल कर खुद को मेरे हो जाओ 


tumko sachi ye baat samjhati dard kuch kam dilo se kar paati is jahaN me sabhi pareshaN haiN sab ke jeewan me gham ke tufaN haiN log dunia me kaise jeete hain 
gham nigalte haiN ashk peete haiN dard sansoN ke sath chalta hai gham ka mausam kahan badalta hai gham zaruri haiN dil ko samjhao bhul kar khud ko mere ho jao siya