Tuesday, 18 February 2014

नज़्म … उसको तो बस जाना था


तुझे मुबारक दुनिया तेरी 
जो है ज़िम्मेवारी तेरी 
वो जो तेरे अपने है 
उनके भी कुछ सपने है 
अपना क्या है रह लेंगे
ग़म शेरों में कह लेंगे
हम दिल को बहला लेंगे
ये कह कर समझा लेंगे
जिसको अपना माना था
वो तो इक बेग़ाना था
उसने कहाँ निभाना था
उसको तो बस जाना था

tujhe mubarak duniya teri
jo hain zimmewari teri
wo jo tere apne hai
unke bhi kuch sapne hai
apna kya hai rah lenge
gham shero'N mein kah lenge
hum dil ko bahla lenge
ye kah kar samjha lenge
jisko apna mana tha
wo to ik begaana tha
usne kahan nibhana tha
usko to bus jana tha

SIYA

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