Saturday, 23 July 2011

तुझ बिन न ही दिन कटता है, न कटती है रात.....

तुझ बिन न ही दिन कटता है, न कटती है रात!
तुझ बिन मुझको नहीं सुहाती, कोई भी सौगात!

आ हमदम तू पास हमारे, चलो बहायें प्रेम की धारा!
तुझसे ही हैं जीवन मेरा, तू ही जीने का है  सहारा!

अब इतना न तडपा हमको, थाम जरा जज्बात!
तुझ बिन मुझको नहीं सुहाती, कोई भी सौगात......

दुनिया तो है प्यार की दुश्मन, दुनिया से क्या डरना!
प्यार किया है तुझको अब तक, प्यार तुझी को करना!

इन हाथों में दे दे हमदम, तू अपना रेशम सा हाथ!
तुझ बिन न ही दिन कटता है, न कटती है रात.....

तेरे बिन बेचैनी है अब, न मिलता आराम!
तेरे याद में गुजर रही है, मेरी सुबहो-शाम!

आजा अब तू पास सिया के , प्यार की करलें मीठी बात!
तुझ बिन न ही दिन कटता है, न कटती है रात...

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