Sunday, 17 November 2013

त्यों लगदा हैं जगत बेगाना





ज्यों ज्यों अपने अंतर जाना 
त्यों लगदा हैं जगत बेगाना 

वेख फकीरां ने कि मंगना 
खुश ओ पा के  फटा पुराना 

धी पुतरा तो एहीं  मंगदा 
मान ज़रा जा वड्डा सयाना 

प्यार जो मिलदा सी वडया तो 
हुन ओ कित्थे रया ज़माना

इक  आक्खे ते दूजा मनलें 
क्यों झगड़े ते  गल्ल वधाना 

मिट्टी दा ए तन है बन्दया 
मिट्टी दे विच ही मिल जाना 

कद तक कोई साथ निभान्दा 
इक दिन सबना ही टुर  जाना 


 jyo'N jyo'N apne antar jana 
tyo'N lagda hai jagat begana 

vekh faqeeraN ne ki mangna 
khush o pa ke fata puarana 

dhee puttra to aiheeN mangda 
maan zara ja vadda sayaana 

pyaar jo mida si vadya to 
hun o kitthe raya zamana 

ik aankheN te duja man laye 
kyo jhagde te gall  vadhana 

mitti da aye tan ve bandyaN 
mitti de hi vich mil jaana 

kad tak koi sath nibhanda
ik din sabna hi tur jana 





No comments:

Post a Comment