Friday, 20 July 2012

राह दुश्वार सही चलते ही जाना है सिया

nazm

ज़िन्दगी जैसी है इसको हमें जीना होगा
ज़हर भी है तो इसे शौक़ से पीना होगा

आँख से आंसू जो टपकेंगे तमाशा होगा 
दूर हो जाएगा वो भी जो शनासा होगा 

रोने वालों का कोई साथ नहीं देता है 
हाथ में उनके कोई हाथ नहीं देता है 

राह दुश्वार सही चलते ही जाना है सिया
इन अंधेरों में हमें रोज जलाना है दिया.....

zindagi jaisi hai isko hame jeena hoga
zahar bhi hai to ise shouk se peena hoga

aankh se aansu jo tapkege tamasha hoga
door ho jayega wo bhi jo shanasa hoga

rone walo ka koyi saath nahi deta hai
hath mein unke koyi haath nahi deta hai

rah dushvaar sahi chalte he jaana hai siya
in andhero'n mein hame roj jalaana hai diya 

1 comment:

  1. ज़िन्दगी जैसी है इसको हमें जीना होगा
    ज़हर भी है तो इसे शौक़ से पीना होगा


    GUD ONE

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