Wednesday, 27 April 2011

तेरा हसीन साथ

तेरा हसीन साथ जब जब मिला मुझे
सच सच मैं बोलती हूँ अच्छा लगा मुझे .

दीवानापन ये मेरा आख़िर को देखिये
क्यूं है मुहब्बतें कुछ ये भी सोचिये
महबूब से मेरे क्यूं हो गिला मुझे

टूटे कभी जुड़े कभी खुद ही में खो गए
देखो तुम्हारे प्यार में पागल से हो गए
अच्छा ये वफाओ का सिला मिला मुझे

तेरी तलाश थी मेरी जिंदगी सनम
तेरी मोहब्बते हैं मेरी बंदगी सनम
तुझे पाके हमने जाना की खुदा मिला मुझे

1 comment: