Tuesday, 19 April 2011

थोड़ी सी राहत

ग़ज़ल 
दिल दीवाना या कि ज़ीनत चाहिए 
आपको कैसी मुहब्बत चाहिए 

नींद  है तो ख़्वाब भी होंगे मगर 
ख़्वाब में थोड़ी हक़ीक़त चाहिए 

ऐ ख़ुदा मुझको बता दे आज तू 
इश्क़ में क्यूं कर इबादत चाहिए 

क्यूं भला शरमिंदा करते हो हमें 
आपको हमसे नसीहत चाहिए 

आपके दिल में हसीं एहसास और 
आपके कदमों में जन्नत चाहिए 

अब "सिया" दुनिया से शिकवा तो नही 
बस हमें थोड़ी सी राहत चाहिए 

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