Saturday, 22 September 2012

नफरतों से जवाब मत देना

हसरतों को अज़ाब मत देना 
नफरतों से जवाब मत देना 

बेवफ़ा का ख़िताब मत देना
तुम मुझे इज्तिराब मत देना

उम्र भर की है तिश्नगी मेरी
चंद क़तरे शराब मत देना

तुमने जितने सितम किये अब तक
मुझको उसका हिसाब मत देना

सिर्फ सच बोलना मोहब्बत में
मुझको झूठे जवाब मत देना

कुछ भी देना क़बूल है सब कुछ
रात में आफ़ताब मत देना

बुज़दिली जिनके ख़ून में है "सिया"
तुम उन्हें इन्क़लाब मत देना

hasrato'n ko azaab mat dena
nafratoo'n se jawab mat dena

bewfa ka khitaab mat dena
tum mujhe iztiraab mat dena

umr bhar ki tishnagi meri
chand qatre sharaab mat dena

tumne jitne sitam kiye ab tak
mujhko uska hisaab mat dena

sirf sach bolna mohbbat mein
mujhko jhoothe jawab mat dena

kuch bhi dena qabool hai sab kuch
raat mein aaftaab mat dena

buzdili jinke khoon mein hain "siya"
tum unhe inqlaab mat dena ..

1 comment:

  1. उम्र भर की है तिश्नगी मेरी
    चंद क़तरे शराब मत देना

    bahut khoob..............
    gagar me saagar

    ReplyDelete