Friday, 4 March 2011

अपनी बेटी के जन्मदिन पर विशेष


मुझे आज लाडो बड़ी याद आये 
वो गोदी में खेली परी याद आये 

बड़े प्यार से अपनी मीठी जुबां से 
मेरी मां, मेरी मां  जो कहके बुलाये

लगा के उसे अपने सीने  से मैंने 
बाहों में अपनी हैं झूले झुलाए 

माथे पे टीका  भी  काला लगाया
परी को किसी की नज़र लग न जाए 

हसीन एक सौगात जीवन की तू है 
साया दुखों का न तुझको सताए 

तेरा अक्स मेरी निगाहों में हरदम 
मेरा रब तुझी में नज़र मुझको आये

"सिया" हूँ , मेरी जान मां हूँ मैं तेरी
बैठी हूँ आ जा मैं पलकें बिछाए 


सिया  

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